1. वर्तमान स्थिति: फरवरी 2026 के ताज़ा घटनाक्रम
- सैन्य जमावड़ा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मिडल ईस्ट में अपनी नौसैनिक शक्ति बढ़ा दी है, जिसमें ‘USS अब्राहम लिंकन’ विमानवाहक पोत भी शामिल है।
- कूटनीति की कोशिशें: तनाव के बावजूद, दोनों पक्षों ने संकेत दिए हैं कि वे बातचीत के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने हाल ही में कहा कि ईरान उनसे “गंभीरता से बात” कर रहा है।
- प्रतिशोध: ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए यूरोपीय संघ (EU) की सेनाओं को “आतंकवादी समूह” घोषित कर दिया है।
2. संघर्ष की जड़ें: ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
- 1953 का तख्तापलट: अमेरिका और ब्रिटेन ने ईरान के लोकतांत्रिक रूप से चुने गए प्रधानमंत्री मोहम्मद मोसद्दिक का तख्तापलट किया था।
- 1979 की इस्लामी क्रांति: आयतुल्लाह खुमैनी के नेतृत्व में हुई क्रांति के बाद ईरान एक कट्टर अमेरिका-विरोधी देश बन गया।
- बंधक संकट: तेहरान में अमेरिकी दूतावास के कर्मियों को 444 दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया, जिसने रिश्तों को हमेशा के लिए बदल दिया।
3. तनाव के मुख्य कारण
- परमाणु कार्यक्रम: अमेरिका का मानना है कि ईरान परमाणु हथियार विकसित करना चाहता है, जबकि ईरान इसे शांतिपूर्ण ऊर्जा उद्देश्यों के लिए बताता है।
- क्षेत्रीय प्रभाव: ईरान पर हमास, हिज़्बुल्लाह और हूतियों जैसे समूहों को समर्थन देने का आरोप है, जिसे अमेरिका “आतंकवाद का वित्तपोषण” कहता है।
- आर्थिक प्रतिबंध: अमेरिका की “मैक्सिमम प्रेशर” नीति ने ईरान की अर्थव्यवस्था को पंगु बना दिया है। 2025 में ईरानी रियाल की कीमत में 45% की गिरावट देखी गई।
- मानवाधिकार और प्रदर्शन: ईरान में हाल ही में हुए आंतरिक प्रदर्शनों और उन पर सरकारी कार्रवाई ने अमेरिका को हस्तक्षेप करने का एक और मुद्दा दे दिया है।
4. सैन्य तुलना: कौन कितना ताकतवर?
- अमेरिका: 13 लाख सक्रिय सैनिक, 4,640 टैंक और दुनिया की सबसे आधुनिक वायुसेना।
- ईरान: लगभग 6.10 लाख सक्रिय सैनिक, 1,700 से अधिक टैंक और एक शक्तिशाली मिसाइल बेड़ा। ईरान की असली ताकत उसके ड्रोन और प्रॉक्सी वॉरफेयर (छद्म युद्ध) में है।
5. भारत पर प्रभाव
- तेल की कीमतें: संघर्ष बढ़ा तो कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे भारत में महंगाई बढ़ेगी।
- चाबहार पोर्ट: ईरान में भारत का बड़ा निवेश (चाबहार बंदरगाह) खतरे में पड़ सकता है।
- प्रवासी सुरक्षा: खाड़ी देशों में रहने वाले लाखों भारतीयों की सुरक्षा पर संकट आ सकता है।
निष्कर्ष
(FAQ)
उत्तर: नहीं, अभी तक पूर्ण युद्ध शुरू नहीं हुआ है, लेकिन तनाव अपने उच्चतम स्तर पर है। दोनों पक्ष सैन्य जमावड़ा कर रहे हैं और धमकियों का आदान-प्रदान जारी है।
उत्तर: रूस और चीन ईरान के प्रमुख रणनीतिक साझेदार हैं जो अमेरिकी कार्रवाई का विरोध करते हैं।
उत्तर: यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है। ईरान ने कई बार इसे बंद करने की धमकी दी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति ठप हो सकती है।
उत्तर: ट्रंप ईरान पर “मैक्सिमम प्रेशर” यानी भारी आर्थिक प्रतिबंधों और सैन्य दबाव की नीति अपना रहे हैं ताकि उन्हें एक नए परमाणु समझौते के लिए मजबूर किया जा सके।



